General Knowledge Question Answer: कुछ सवाल ऐसे होते हैं जो हमें अंदर से हिला देते हैं और जवाब सुनकर हम हैरान रह जाते हैं। चिंगम यानी Chewing Gum तो हम सब बचपन से चबाते आए हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इसे बनाने में क्या क्या मिलाया जाता है? आज इस आर्टिकल में हम आपको चिंगम से जुड़ी वो सच्ची और हैरान कर देने वाली जानकारी देंगे जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुनी होगी। यह जानकारी GK के नज़रिए से बहुत ज़रूरी है और परीक्षाओं में भी काम आती है।
प्रश्न 1: चिंगम आखिर होती क्या है?
Answer: चिंगम यानी Chewing Gum एक ऐसी चीज़ है जिसे हम खाते नहीं बल्कि सिर्फ चबाते हैं। यह मुँह में घुलती नहीं है और इसे चबाने से मुँह की एक्सरसाइज़ होती है। दुनिया भर में हर साल करोड़ों लोग चिंगम चबाते हैं लेकिन इसे बनाने की असली कहानी बहुत कम लोग जानते हैं।
प्रश्न 2: चिंगम का आविष्कार कब और कहाँ हुआ?
Answer: आधुनिक Chewing Gum का आविष्कार अमेरिका में हुआ था। सन 1848 में John B. Curtis ने पहली बार Chewing Gum बनाई और बेची थी। इसके बाद 1869 में Thomas Adams ने इसे और बेहतर बनाया और पूरी दुनिया में इसका चलन शुरू हो गया।
प्रश्न 3: चिंगम में किस जानवर का मांस मिलाया जाता है?
Answer: चिंगम में सूअर की चर्बी यानी Pig Fat का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा कुछ कंपनियाँ भेड़ और बकरी की ऊन से निकाले गए एक पदार्थ का भी इस्तेमाल करती हैं जिसे Lanolin कहते हैं। यही वजह है कि कई धर्मों में चिंगम खाने को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। हालाँकि आजकल कुछ कंपनियाँ Vegetarian Chewing Gum भी बनाती हैं जिनमें जानवरों से जुड़ी कोई चीज़ नहीं होती।
प्रश्न 4: चिंगम में Lanolin क्या होता है?
Answer: Lanolin एक तरह की चिकनाई होती है जो भेड़ की ऊन से निकाली जाती है। इसे चिंगम में इसलिए मिलाया जाता है ताकि वो नरम और लचीली बनी रहे और जल्दी सख्त न हो। यही पदार्थ चिंगम को उसकी वो खास बनावट देता है जो चबाने में अच्छी लगती है।
प्रश्न 5: चिंगम को चबाने के बाद निगलना चाहिए या नहीं?
Answer: चिंगम को कभी नहीं निगलना चाहिए। इसमें मिले पदार्थ हमारा पेट पचा नहीं पाता। अगर गलती से एकाध बार निगल भी जाएं तो ज़्यादा नुकसान नहीं होता लेकिन बार बार निगलने से पेट में तकलीफ हो सकती है। बच्चों को खासतौर पर इससे बचाना चाहिए।
प्रश्न 6: क्या चिंगम चबाना सेहत के लिए अच्छा है?
Answer: Sugar Free चिंगम चबाने से मुँह में थूक ज़्यादा बनती है जो दाँतों को साफ रखने में मदद करती है। खाना खाने के बाद Sugar Free चिंगम चबाने से दाँतों में कीड़ा लगने का खतरा कम होता है। लेकिन चीनी वाली चिंगम ज़्यादा चबाने से दाँत खराब हो सकते हैं।
प्रश्न 7: चिंगम में और क्या क्या मिलाया जाता है?
Answer: चिंगम बनाने में Gum Base, चीनी या मीठा करने वाले पदार्थ, खुशबू और रंग मिलाए जाते हैं। Gum Base वो मुख्य चीज़ है जो चिंगम को चबाने लायक बनाती है और इसी में जानवरों से जुड़े पदार्थ हो सकते हैं। इसीलिए खरीदने से पहले पैकेट पर Vegetarian या Vegan लिखा देखना ज़रूरी है।
प्रश्न 8: चिंगम में किस जानवर का मांस मिलाया जाता है? (विस्तार से)
Answer: यह सवाल GK में सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों में से एक है। चिंगम बनाने में मुख्य रूप से सूअर यानी Pig की चर्बी का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा भेड़ की ऊन से निकला Lanolin भी मिलाया जाता है। यह जानकर बहुत से लोग हैरान हो जाते हैं क्योंकि चिंगम देखने में बिल्कुल सादी और साफ लगती है। भारत में बिकने वाली ज़्यादातर चिंगम में यह पदार्थ होते हैं इसीलिए धार्मिक और शाकाहारी लोगों को इसे खरीदने से पहले पैकेट पर लिखी सामग्री ज़रूर पढ़नी चाहिए।
प्रश्न 9: क्या भारत में Vegetarian Chewing Gum मिलती है?
Answer: हाँ, आजकल बाज़ार में कुछ Vegetarian और Vegan Chewing Gum भी आने लगी हैं। इनमें जानवरों से जुड़ी किसी भी चीज़ का इस्तेमाल नहीं होता। इनके पैकेट पर हरे रंग का निशान बना होता है जो यह बताता है कि यह पूरी तरह शाकाहारी है।
प्रश्न 10: दुनिया में सबसे पहले चिंगम किससे बनाई जाती थी?
Answer: बहुत पुराने ज़माने में लोग पेड़ों की छाल और राल यानी पेड़ से निकलने वाले गाढ़े पदार्थ को चबाया करते थे। यूनान के लोग Mastic Tree की राल चबाते थे और अमेरिका के मूल निवासी Spruce पेड़ की छाल चबाते थे। यहीं से आधुनिक चिंगम बनाने का विचार आया।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य ज्ञान और शोध पर आधारित है। अलग अलग कंपनियाँ अलग अलग सामग्री का इस्तेमाल करती हैं इसलिए कोई भी चिंगम खरीदने से पहले उसके पैकेट पर लिखी सामग्री ज़रूर पढ़ें। यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और जागरूकता के मकसद से लिखा गया है।